बिकसित हुंदु गढवाल

बिकसित हुंदु गढवाल
मर्च नि मर्च्वाडा मा
साग नि सग्वाडो मा
बांझा पोड़ी पुन्ग्डी सगोडी  
अर आग नि चुल्खंदो मा
 बल वू बोलड छि की कि उत्तराखंड बण जालू
धुर्पली का ढून्गा रुणा
रस्ता खुज्यांणा भेई आणा कु
चौका तिर्वली बेंठी चखुली
रूंदी  दुई कुर्मण खाणा कु
भाजी गिनी शहरों मा
अप्डी धरती छोड़ी की
अर पर्देस्युम लगाणा छुई
की जोर लगयुं हमरु भी पलायन रुकाण मा
रोड बिचरी आई गढ़वाल जने
अर लोग भजड़ा फुनै फुनै
रोड भी हवे गिनी इकुली
पोड़ी पोड़ी तड़तडा घाम माँ

डाली बोटी लगान्दी धे
गाड गदिन्या बुल्यान्दा त्वे
भेटी जा कभी कभार
बेठी जा हमारी खुचिल्युं मा
-    कौशिक ढौंडियाल “श्रेय”

No comments:

Post a Comment

Featured post

Anglo- Saxon Periods ( Know who were Angles , Saxons, Frisians and Jutes) They conquered Britain in the latter half of the fifth centu...